दबी हुई नसों को खोलने का क्या कोई अचूक उपाए है?


नसों की ब्लॉकेज का इलाज : नसों में दर्द बहुत परेशान करने वाली समस्या है। इसके चलते इंसान चलने फिरने में भी 


तकलीफ महसूस करता है। इसके अलावा जब रक्त में अपशिष्ट पदार्थों की मात्रा बढ़ जाती है तो इससे नसों में खून के स्राव में रुकावट आने लगती है। जिससे हार्ट अटैक और लकवा का खतरा भी बढ़ जाता है। अगर आप को भी एेसी परेशानी है तो डॉक्टरी जांच जरुर करवानी चाहिए लेकिन इसके साथ-साथ आप एक घरेलू उपाय अपनाकर नसों की ब्लॉकेज से छु़टकारा पा सकते है।

यह स्थिति नसों में दबाव बढ़ जाने के चलते होती है, जिस कारण आपके शरीर के किसी हिस्से, विशेषकर पैरों की त्वचा के नीचे नीली नसें उभरी हुई दिखाई देती हैं। हाथ-पैर में खून का प्रवाह अधिक होता है, जिस कारण ये समस्या शरीर के इन दो अंगों पर ज्यादा दिखाई देती है। वहीं जब नसों में सूजन और नसें मुड़ने लगती है तो उसे 'स्पाइडर वेन्स' कहा जाता है। इस स्थिति में बहुत सी नसें एक ही जगह पर गुच्छे की तरह दिखाई देने लगती है। एक शोध से सामने आया है कि 40-60 फीसदी भारतीय युवा नसों में ब्लॉकेज की समस्या से ग्रस्त हैं। बता दें कि महिलाओं में ये समस्या गर्भावस्था के बाद शुरू होती है और करीब 20 फीसदी महिलाएं इस समस्या का शिकार होती हैं।


इसका घरेलू इलाज

सामग्री

1 ग्राम दाल चीनी

10 ग्राम काली मिर्च साबुत

10 ग्राम तेज पत्ता

10 ग्राम मगज

10 ग्राम मिश्री

10 ग्राम अखरोट

10 ग्राम अलसी

विधि

1. सबसे पहले इन सबको मिक्सी में बारीक पीस लें।

2. फिर इसकी 10 पुडियां बना लें।

3. इसे हर रोज सुबह खाली पेट खाएं और ध्यान रहें इसे खाने के बाद 1 घंटे तक कुछ न खाएं।

स्ट्रेचिंग और योग हल्की स्ट्रेचिंग और योग से प्रभावित हिस्से में तनाव और दबाव को दूर करने में मदद मिल सकती है। यह जरूरी है कि बहुत ताकत लगाकर न खींचे, क्योंकि इससे लक्षण और भी बदतर हो सकते हैं।

मसाज मालिश करने से शारीरिक दर्द और तनाव को कम करने में मदद मिल सकती है। प्रभावित क्षेत्र के चारों ओर हल्के दबाव से मालिश करने से तनाव को दूर करने में मदद मिल सकती है और शरीर की पूरी मालिश मांसपेशियों को आराम देने में मदद कर सकती है। डीप टिश्यू मसाज एक अच्छा आइडिया नहीं हो सकता है क्योंकि अतिरिक्त दबाव के कारण लक्षण और खराब हो सकते हैं।

आइस और हीट पैक आइस और हीट पैक के बीच बारी-बारी से कई मामलों में सूजन और दर्द को कम करने में मदद मिल सकती है। गर्म और ठंडे के संयोजन से क्षेत्र में ताजा रक्त का संचलन बढ़ जाता है, जिससे दर्द से राहत मिल सकती है। दिन में तीन बार लगभग 15 मिनट के लिए प्रभावित क्षेत्र पर आइस पैक रखें। हीट पैड को लंबी अवधि के लिए, 1 घंटे तक, दिन में तीन बार लगाया जा सकता है।

हल्दी वाला दूध

आपने हल्दी वाले दूध के ढेरों फायदों के बारे में सुना होगा। हल्दी वाला दूध वाकई में चमत्कारी होता है। जी हां, अगर आप कुछ दिनों तक एक गिलास दूध में 1 चम्‍मच हल्‍दी और थोड़ा-सा शहद डालकर पीएंगे तो आपके शरीर की हर बंद नस खुल जाएगी।

कुछ दवाईया भी है जो आप डॉक्टर की सलाह लेकर ले सकते है।

नसों में ब्लॉकेज से होने वाली समस्याएं

नसों में खून के थक्के बनने लगते हैं।

कोलेस्ट्रॉल का बढ़ना।

स्ट्रोक व हार्ट अटैक का खतरा बढ़ता है।

कोरोनरी और अन्य धमनी रोगों का खतरा बढ़ता है।

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किन कारणों से होती है नसों में ब्लॉकेज

खून का गाढ़ा होना।

चोट लगने।

खराब ब्लड सर्कुलेशन।

खराब खान-पान की आदत।

घंटो तक बैठे रहना।

शारीरिक गतिविधियां न करना।

मोटापा।

शरीर में पोषक तत्वों की कमी।

नसों में ब्लॉकेज के लक्षण

नसों का नीला पड़ जाना।

एक जगह पर नसों का रस्सियों की तरह मुड़ना।

पैरों में भारीपन महसूस होना।

मांसपेशियों में ऐंठन रहना।

पैरों के निचले हिस्से में सूजन और दर्द रहना।

एक जगह पर जमा नसों के आसपास खुजली होना।

टखने के पास त्वचा का अल्सर।

धन्यवाद जी।

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