आत्महत्या से कैसे बचे ?
आत्महत्या यह उन लोगो के लिए अंतिम सहारा होता है जो मानसिक रूप से हार चुके होते है ! ऐसे लोग विचारो के मकड़ जाल में ऐसे उलझ जाते है की उनको उस समस्या को खत्म करने के लिए इतना टाइम नहीं मिल पाता है की वो उसके समाधान के वारे में विचार ही नहीं कर पाता है ! उसके मन में एक ऐसी मायूसी छा जाती है की उसको हर जगह से न उम्मीदी नजर आने लगती है! उसके मन में डर बैठ जाता है , वह अपनी बात लोगो तो शेयर भी नहीं कर पाता है! उसको लगता है पता नहीं ये लोग क्या सोचेंगे या मेरा मजाक बनेंगे या मेरे कारन ये सब और परेशान हो जायेंगे ! इस लिए वह यह नकारत्मक विचार अपने अंदर जमा करता रहता है ! और ये नकारत्मक विचार उस व्यक्ति के मन पर हावी हो जाते है फिर उसको क्या सही है क्या गलत है कुछ भी नहीं अंतर मालूम पड़ता है लक्छड़ --------अब प्रश्न यह है की इसके मानसिक लक्छड़ क्या है? जब ऐसा व्यक्ति मानसिक विकारो में उलझ जाता है तो उसकी एक्टिविटी क्या होती है ? आइये कुछ पॉइंट्स है जिन पर बात करते है-- ऐसा व्यक्ति मन ही मन खामोश रहने लगता है व...