जाने राकेश झुनझुनवाला को क्यों स्टॉक मार्किट का बादशाह कहते है जाने दिलचस्प बाते
जीनियस इसलिए कहते हैं क्योंकि झुनझुनवाला ने 20 लाख रुपये को 30 सालों में 15,000 करोड़ रुपये बना दिए शेयर बाज़ार के माध्यम से। और वह 20 लाख रुपये भी उधार के लिए हुए पैसे थे 20% ब्याज पर।
20 लाख रुपये ट्रेडिंग अकाउंट में लेकर झुनझुनवाला बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज के बाहर खड़े होकर ट्रेडिंग किया करते थे। तीन साल में 20 लाख के एक करोड़ रुपये हो गए थे। लेकिन अगले 2 साल तक कोई ख़ास मुनाफा नहीं हुआ।
1991 के ऐतिहासिक बजट के दौरान झुनझुनवाला ने अपने पूरे 1 करोड़ रुपये कई छोटे बड़े कंपनियों के शेयर में लगा रखे थे। उस एक करोड़ रुपये पर 100% मार्जिन लेकर बजट से पहले और एक करोड़ निवेश कर दिए।
बजट के आने से शेयर बाज़ार में एक जबरदस्त तेज़ी आयी। और हर्षद मेहता भी पूरे जोश के साथ बाज़ार में पैसे निवेश कर रहे थे। उस समय हर्षद मेहता ट्रेडर्स के हीरो थे।
1991, एक साल में ही झुनझुनवाला ने कंपनियों के शेयर खरीद खरीद कर 30 करोड़ रुपये कमा लिए।
90 के दशक में भारतीय शेयर बाज़ार में इतना वॉल्यूम नहीं था की 30 करोड़ जैसी रकम से ट्रेडिंग की जाए। इसलिए झुनझुनवाला ने निवेश पर ध्यान लगाया और कई छोटी कंपनियों में अपने 30 करोड़ निवेश किये। जिनमे से लूपिन और टाइटन, इन 2 कंपनियों ने झुनझुनवाला को 5000 करोड़ कमा कर दिए। आज भी इन कंपनियों के शेयर झुनझुनवाला के पास हैं।
इनके अलावा झुनझुनवाला ने कई कंपनियों में ट्रेडिंग पोजीशन बनायीं और कुछ महीनो में, या 1 -2 सालों में अपने पैसों को डबल ट्रिपल करते गए।
ट्रेडिंग और निवेश का बेहतरीन मिश्रण करते हुए झुनझुनवाला आज के समय में भारत के सबसे अमीर व्यक्तियों में से एक हैं।

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